
सिडनी । भारतीय क्रिकेट टीम के कप्तान अजिंक्य रहाणे ने ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ तीसरे क्रिकेट टेस्ट मैच के बाद कहा है कि हमने परिणाम के बारे में विचार की जगह अंत तक संघर्ष करने की योजना बनायी थी। रहाणे ने मैच के बाद कहा, ‘‘ दिन का खेल शुरू होने से पहले हमने अपना जज्बा दिखाने और अंत तक संषर्ष करने के बारे में बात की थी। हम परिणाम के बारे में नहीं सोच रहे थे। जिस तरह से आज हमने संघर्ष किया खासकर पूरे मैच में उससे वास्तव मैं खुश हूं।’’ उन्होंने कहा, ‘‘पहली पारी में भी ऑस्ट्रेलियाई टीम दो विकेट पर 200 रन बनाकर अच्छी स्थिति में थी लेकिन हमने उन्हें 338 रन पर आउट करके वापसी की।’’ रहाणे ने कहा कि ऋषभ को हनुमा विहारी से पहले पांचवे नंबर पर बल्लेबाजी के लिए इसलिए भेजा गया जिससे क्रीज पर बायें और दायें हाथ के बल्लेबाजों का संयोजन बनाया जा सके। कप्तान ने कहा, ‘‘ हनुमा और अश्विन की तारीफ करनी होगी लेकिन ऐसे कुछ क्षेत्र हैं जहां हम (चौथे टेस्ट से पहले) सुधार सकते हैं। जिस तरह से उन्होंने अंत में बल्लेबाजी की और जज्बा दिखाया वह वास्तव में अच्छा था। ऋषभ ने जिस तरह से बल्लेबाजी की, उसे भी श्रेय दिया जाना चाहिए।’’
वहीं ऑस्ट्रेलियाई टीम के कप्तान टिम पेन ने इस प्रदर्शन की जिम्मेदारी खुद लेते हुए कहा कि उनकी टीम ने कई कैच छोड़े। पेन ने स्वयं दो बार ऋषभ का और एक बार हनुमा का कैच टपकाया था। उन्होंने कहा, ‘‘ मुझे लगता है कि हमने मैच जीतने के लिए पर्याप्त मौके बनाए थे, इसे (ड्रा) पचा पाना मुश्किल है। हमारे गेंदबाज शानदार थे, नाथन लियोन ने अच्छी गेंदबाजी की। बस हम (खासकर मैं) कैच पकडने में नाकाम रहे।’’ उन्होंने कहा, ‘‘ अब ब्रिस्बेन का इंतजार कर रहा हूं। हमने पिछले दो मैचों में अपना सर्वश्रेष्ठ खेल नहीं खेला, लेकिन हम इस टेस्ट में बल्ले से थोड़े अच्छे थे। हमारे लिए कुछ सकारात्मक चीजें भी है, हमारे गेंदबाजों ने काफी मौके बनाए।’’ मैच में 131 और 81 रन की पारी खेलने वाले स्टीव स्मिथ मैन ऑफ द मैच रहे।